त्र्यंबकेश्वर

त्र्यंबकेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक धार्मिक केंद्र है। त्र्यंबकेश्वर तीर्थ क्षेत्र को महाराष्ट्र के नासिक जिले में आद्य ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है। इसी तरह, त्र्यंबकेश्वर नासिक शहर से लगभग २८ किमी दूर है। त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के साथ अनेक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यहां स्थित ज्योतिर्लिंग की अनूठी विशेषता ए है कि, यहां देवताओं का त्रिमूर्ति स्वरूप है। यह भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान महेश (शिव) का अवतार है। यह मंदिर अपने आकर्षण और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है और गोदावरी के तट पर और ब्रह्मगिरि पर्वत के तल पर स्थित है।

ॐ त्र्य॑म्बकं यजामहे सु॒गन्धिं॑ पुष्टि॒वर्ध॑नम् । उ॒र्वा॒रु॒कमि॑व॒ बन्ध॑नान् मृ॒त्योर्मुक्षीय॒ मा ऽमृता॑त् ।

बारह ज्योतिर्लिंग

भारत में शंकर के कुल १२ महत्वपूर्ण मंदिर हैं, उन्हें १२ (द्वादश) ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। वह ज्योतिर्लिंग इस प्रकार है। 1. सोमनाथ (गुजरात - वेरावळ) 2. मल्लिकार्जुन (आंध्रप्रदेश - श्रीशैल्य) 3. महांकालेश्वर (मध्यप्रदेश - उज्जैन) 4. ओंकारेश्वर (मध्यप्रदेश - ओंकारेश्वर) 5. वैजनाथ (महाराष्ट्र - परळी) 6. भीमाशंकर (महाराष्ट्र - भीमाशंकर) 7. रामेश्वर (तामिळनाडु - रामेश्वर) 8. नागनाथ (महाराष्ट्र - औंढा नागनाथ) 9. विश्वेश्वर (उत्तर प्रदेश - वाराणसी) 10. त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र - त्र्यंबकेश्वर) 11. केदारनाथ (उत्तरांचल - केदारनाथ) 12. घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र - औरंगाबाद)